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रापसे-भारत का प्रतीक परिचय पृष्ठ

उद्घोषणाएँ


 महत्वपूर्ण सूचना   अद्यतनीकृत दिनांक 23/09/2016  
सूचित हो कि दिनांक 26 सितंबर से 1 अक्तूबर 2016 तक हिंदी के प्राध्यापकों के लिए परीक्षण एवं मूल्यांकन तथा प्रश्नपद लेखन विषय पर प्रस्तावित 6 दिवसीय कार्यशाला के कार्यक्रम को पुनर्निर्धारित किया गया है। अब यह कार्यशाला आगामी 17 अक्तूबर से 22 अक्तूबर 2016 तक आयोजित की जाएगी। असुविधा के लिए खेद है।

   ध्यान दें ! अद्यतनीकृत दिनांक 08/09/2016   ‘परीक्षण एवं मूल्यांकन’ विषय पर 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, रापसे-भारत, भाभासं

   ध्यान दें ! अद्यतनीकृत दिनांक 04/05/2016   राष्ट्रीय संगोष्ठी / शोध पत्रों के लिए आमंत्रण पर भारतीय भाषाओं के शिक्षण में गुणवत्ता नियंत्रण और मूल्यांकन की भूमिका, हिंदी के विशेष संदर्भ में।



शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर शैक्षिक उपलब्धियों से संबंधित प्रतिमानों की स्थापना हेतु देश में पहली बार रापसे द्वारा कार्यारंभ किया गया ताकि इस क्षेत्र में गुणवत्ता नियंत्रण के लिए एक केंद्रीयकृत व्यवस्था स्थापित की जा सके।

देश के 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 60 क्षेत्रीय इकाइयों की स्थापना की जा रही है।

संस्थानों, पाठ्यक्रमों, उपाधियों और उपाधिधारकों के मध्य अंतर स्तरीय एवं अन्तःस्तरीय तुलनीयता को संभव बनाने के लिए संकल्पना आधारित अनुस्तरीय पाठ्यक्रम सांतत्यक का निर्माण किया जा रहा है ताकि इस क्षेत्र में एक आदर्श प्रस्तुत किया जा सके।

प्रवेश, प्रमाणन एवं रोजगार हेतु क्रमशः शैक्षिक अभिक्षमता, उपलब्धि एवं प्रवीणता की अवधारणाओं को अलग-अलग चिन्हित करने के लिए व्यवस्थित प्रयास प्रारंभ किए गये हैं।

रापसे-भारत द्वारा सामान्य शिक्षा के सातों स्तरों पर विभिन्न अनुशासनों का अध्ययन किया गया है जिससे कि सामान्य संदर्भ बिन्दुओं के एक कुलक का निर्माण किया जा सके जो गुणवत्ता को सुनिश्चित करे और अंततः देश के संविधान में उल्लिखित समानता सिद्धांत की स्थापना की जा सके।

इस वेबसाइट का प्रवर्तन 15.3.2013 को
प्रो. दिनेश सिंह, कुलपति,

दिल्ली विश्वविद्यालय,
दिल्ली द्वारा “सूचना युग में हिंदी में शिक्षण
एवं परीक्षण : समस्याएँ एवं परिप्रेक्ष्य”
विषय पर
आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान हुआ।


समारोह की अध्यक्षता
प्रो. अवधेश कुमार मिश्र,
निदेशक,

भारतीय भाषा संस्थान,मैसूर ने की.

इस सुअवसर पर
प्रो. स्मृतिकुमार सरकार, कुलपति,
बर्दवान विश्वविद्यालय, बर्दवान
  एवं
प्रो. मोहन, निदेशक,

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा
की भी गरिमापूर्ण उपस्थिति रही

वेबसाइट का विशेष विवरण
डॉ. एम. बालकुमार, अध्यक्ष,

राष्ट्रीय परीक्षण सेवा-भारत,
तथा परीक्षण एवं मूल्यांकन केंद्र,भाभासं, मैसूर

द्वारा प्रस्तुत किया गया।
 
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